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आइपीपीबी की पहल: अंगूठे-ओटीपी के बिना चेहरे से होंगे डाकघर के लेनदेन

IPPB Face Authentication

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आइपीपीबी) ने आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा की देशभर में शुरुआत कर दी है। अब डाकघर में ग्राहक सिर्फ चेहरे की पहचान से खाता खोलने, बैलेंस जांचने, पैसे भेजने और बिल चुकाने जैसे बैंकिंग कार्य आसानी से कर सकेंगे।

यह सेवा उन बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीण ग्राहकों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें फिंगरप्रिंट या ओटीपी आधारित पहचान में कठिनाई होती थी। देश के 1.6 लाख डाकघरों और 3 लाख से अधिक पोस्टल कर्मचारियों के जरिए सेवा हर कोने तक पहुंचाई जाएगी।

Tuesday, August 5, 2025

बीमा के प्रति लापरवाही: महंगी गाड़ियाँ खरीदने वाले भी बचाते हैं 100 रुपये

देश में बड़ी संख्या में लोग लाखों रुपये की कार तो खरीदते हैं, लेकिन मोटर बीमा के नाम पर कंजूसी कर जाते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 50% वाहन बिना इंश्योरेंस के सड़कों पर दौड़ रहे हैं। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि हादसे की स्थिति में भारी आर्थिक नुकसान का कारण भी बन सकता है। इंश्योरेंस न होने पर किसी दुर्घटना में थर्ड पार्टी को हर्जाना खुद वाहन मालिक को अपनी जेब से देना पड़ता है।

मोटर बीमा न होने पर लगेगा भारी जुर्माना

केंद्र सरकार मोटर वाहन अधिनियम में बदलाव की तैयारी कर रही है ताकि सड़क सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, बिना बीमा वाहन चलाने पर पहली बार इंश्योरेंस के बेस प्रीमियम का तीन गुना जुर्माना लगाया जाएगा। यदि वही व्यक्ति दोबारा बिना बीमा पकड़ा जाता है, तो यह जुर्माना पांच गुना तक हो सकता है। फिलहाल ऐसे मामलों में पहली बार ₹2000 और दूसरी बार ₹4000 का जुर्माना लगता है। नए नियमों को कैबिनेट की मंजूरी के बाद पूरे देश में लागू किया जाएगा।

स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी हो सकती है और महंगी

स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती लागत को देखते हुए इंश्योरेंस कंपनियाँ भी पॉलिसियों की प्रीमियम दरें बढ़ाने की योजना बना रही हैं। निवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस वित्त वर्ष 2025-26 में अपने बीमा उत्पादों के प्रीमियम में 8 से 9 प्रतिशत तक वृद्धि कर सकती है। कंपनी के सीएफओ ने बताया कि यह वृद्धि उत्पाद चक्र और लागत पर निर्भर करेगी। स्टार हेल्थ इंश्योरेंस भी ऐसी योजना पर काम कर रही है, जिसमें ग्राहकों को छूट आधारित मूल्य मॉडल मिलेगा। इसका लाभ उन्हें मिलेगा जिनका हेल्थ रिकॉर्ड अच्छा है या जिन्होंने क्लेम नहीं किया है। वर्ष 2025 में चिकित्सा महंगाई दर 13% तक बढ़ने का अनुमान है, जिससे अन्य कंपनियाँ भी प्रीमियम दरें बढ़ा सकती हैं।

ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में भी होगा बदलाव

सड़क पर अनुशासन और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस नियमों में भी संशोधन किया जा रहा है। यदि कोई व्यक्ति तेज गति से वाहन चलाता है या शराब पीकर गाड़ी चलाने का दोषी पाया जाता है, तो लाइसेंस रिन्यूअल के समय उसे फिर से ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। साथ ही 55 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए भी रिन्यूअल प्रक्रिया में ड्राइविंग टेस्ट अनिवार्य किया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे सुरक्षित ढंग से वाहन चला सकते हैं या नहीं।


Thursday, July 31, 2025

गुढ़ागौड़जी: किसान के बाड़े में घुसे जंगली जानवर ने 31 भेड़ों को बनाया शिकार, इलाके में दहशत

 

किसान के बाड़े में घुसे जंगली जानवर ने 31 भेड़ों को बनाया शिकार
किसान के बाड़े में घुसे जंगली जानवर ने 31 भेड़ों को बनाया शिकार

स्थान: गुढ़ागौड़जी (झुंझुनूं) | तारीख: मंगलवार रात

बड़ी खबर: गुमाना का बास में खेत के बाड़े में मचा खूनी तांडव

गुढ़ागौड़जी उपखंड के अंतर्गत गुमाना का बास गांव में मंगलवार रात दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। किसान राकेश महला के खेत में बने बाड़े में एक जंगली जानवर ने घुसकर 31 भेड़ों को मौत के घाट उतार दिया। घटना से इलाके में दहशत का माहौल है।

कैसे हुआ हमला?

राकेश महला वर्षों से भेड़-बकरी पालन कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। मंगलवार को हमेशा की तरह उन्होंने अपनी भेड़-बकरियों को चराने के बाद खेत में बने बाड़े में बांध दिया था। यह बाड़ा लगभग 110 भेड़ों की क्षमता वाला है।

बुधवार सुबह जब राकेश ने भेड़ों को देखा तो बाड़े में चारों तरफ मृत भेड़ें और उनके मेमने पड़े हुए थे। ग्रामीणों ने इस बारे में वन विभाग को सूचना दी।

मौके पर पहुंची वन विभाग और पशु चिकित्सा टीम

घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी रणवीर सिंह, पशु चिकित्सक गजराज सिंह तथा वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मौके से जानवर के पगमार्क एकत्र किए गए और मृत भेड़ों का पोस्टमार्टम किया गया।

जांच और आशंका

वन विभाग द्वारा प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि हमला किसी जंगली शिकारी जानवर जैसे तेंदुए या लकड़बग्घा द्वारा किया गया हो सकता है। हालांकि पक्के सबूतों की प्रतीक्षा की जा रही है।

पशुपालकों में भय का माहौल

इस घटना के बाद पूरे गांव और आसपास के ग्रामीण पशुपालकों में भय और चिंता का माहौल है। लोगों की मांग है कि वन विभाग क्षेत्र में गश्त बढ़ाए और किसान भाइयों के जानवरों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाए जाएं।

गुढ़ागौड़जी में हुई यह घटना केवल एक किसान की आर्थिक क्षति नहीं, बल्कि क्षेत्रीय सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। सरकार और वन विभाग को इस ओर शीघ्र ध्यान देना चाहिए।


गृह विभाग का नया आदेश: दो लाख से अधिक नकद लेन-देन पर अब पुलिस देगी आयकर विभाग को सूचना

राजस्थानअगर अब पुलिस थाने में कोई ऐसा मामला सामने आता है जिसमें दो लाख रुपए या उससे अधिक का नकद लेन-देन शामिल है, तो संबंधित थानाधिकारी को इसकी सूचना आयकर विभाग को देना अनिवार्य होगा।

राजस्थान गृह विभाग ने इस संबंध में नया परिपत्र जारी कर पुलिस महानिदेशक (DGP) और सभी पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। गृह सचिव (विधि) रवि शर्मा द्वारा जारी किए गए इस आदेश का उद्देश्य नकद लेन-देन में पारदर्शिता लाना और कर चोरी की संभावनाओं पर नियंत्रण करना है।

 

किन मामलों में देनी होगी सूचना?

गृह विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार:

  • यदि अचल संपत्ति की खरीद-फरोख्त, किसी प्रकार का लिखित करार, या कोई अन्य मामला जिसमें ₹2 लाख या उससे अधिक का नकद लेन-देन शामिल हो, सामने आता है।
  • ऐसे मामलों में थानाधिकारी को संबंधित नोडल आयकर अधिकारी को तत्काल सूचना देनी होगी।

 

सिविल विवादों में पुलिस नहीं करेगी आपराधिक कार्रवाई

परिपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि कोई सिविल विवाद (जैसे ठेका, करार आदि) पुलिस के पास पहुंचता है, तो पुलिस सीधा आपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं करेगी

  • ऐसे मामलों में पहले 7 दिन के भीतर प्रारंभिक जांच की जाएगी।
  • किसी भी कानूनी कार्रवाई से पहले पुलिस अधीक्षक (SP) या पुलिस उपायुक्त (DCP) से स्वीकृति लेना अनिवार्य होगा।

 

उच्च न्यायालय की टिप्पणी

राजस्थान हाईकोर्ट ने 21 मई 2025 को एक मामले की सुनवाई के दौरान चिंता जताई थी कि सिविल प्रकरणों में भी पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है, जो उचित नहीं है। कोर्ट ने कहा कि सिविल विवादों में फौजदारी का रंग नहीं चढ़ाया जाना चाहिए

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट भी निर्देश दे चुका है कि यदि ₹2 लाख या उससे अधिक नकद लेन-देन का मामला सामने आए, तो आयकर विभाग को तत्काल जानकारी दी जाए, और आयकर अधिकारी उसे गंभीरता से लें

यह आदेश न केवल पुलिस प्रशासन के लिए एक स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान करता है, बल्कि सामान्य नागरिकों को भी सजग रहने की आवश्यकता है। दो लाख से अधिक नकद लेन-देन करने पर यदि मामला थाने तक पहुंचता है, तो वह अब आयकर विभाग की निगरानी में भी आ सकता है

राज्य सरकार की यह पहल कर चोरी रोकने और सिविल व आपराधिक मामलों के बीच अंतर स्पष्ट करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


Monday, July 28, 2025

हरियाणा में लकड़ी तस्करी पर भड़के प्रभारी मंत्री समित शर्मा: "बिल्कुल बेशर्म हो गए हो!

 

लकड़ी तस्करी पर भड़के प्रभारी मंत्री समित शर्मा
लकड़ी तस्करी पर भड़के प्रभारी मंत्री समित शर्मा

झुंझुनू, राजस्थान: हरियाणा में हरी लकड़ी की अवैध कटाई और तस्करी पर लगाम न कस पाने से प्रभारी मंत्री समित शर्मा (Samit Sharma) का गुस्सा फूट पड़ा है। झुंझुनू के प्रभारी सचिव समित शर्मा ने जिला स्तरीय अधिकारियों और सरकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान वन विभाग और पुलिस की मिलीभगत पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि यह स्थिति बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

तस्करी के रूट्स और लोकेशन तक मंत्री को पता

बैठक में अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए समित शर्मा ने कहा, "बिल्कुल शर्म बेशर्म हो गए हो, शर्म नहीं आती। मुझे तस्करी के रूट और कटाई की लोकेशन तक पता है। फिर भी आप लोग गाड़ियों से मंथली के चक्कर में लगे रहते हो। ऐसा क्यों करते हो?" उन्होंने बताया कि पूर्व में भी वन, पुलिस और परिवहन विभाग को सख्ती से इस पर लगाम लगाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

मिलीभगत पर सख्त चेतावनी

प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अवैध लकड़ी तस्करी (Illegal wood smuggling) को रोकने में नाकामी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। शर्मा ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक गंभीर मुद्दा है और इसमें अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

ACB ट्रैप और अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी

बैठक में यह भी सामने आया कि हाल ही में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक फॉरेस्ट रेंजर को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। समित शर्मा ने इसे "बहुत गंभीर घटना" बताया और कहा कि यह कहीं न कहीं "ऊपर के स्तर पर लापरवाही या संभवत: मिलीभगत को इंडिकेट करती है।"

उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि यदि पहले के निर्देशों के बावजूद अवैध कटाई जारी है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नोटिस जारी किए जाएंगे और आवश्यक होने पर चार्जशीट की कार्रवाई भी की जाएगी।


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