आइपीपीबी की पहल: अंगूठे-ओटीपी के बिना चेहरे से होंगे डाकघर के लेनदेन

IPPB Face Authentication

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आइपीपीबी) ने आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा की देशभर में शुरुआत कर दी है। अब डाकघर में ग्राहक सिर्फ चेहरे की पहचान से खाता खोलने, बैलेंस जांचने, पैसे भेजने और बिल चुकाने जैसे बैंकिंग कार्य आसानी से कर सकेंगे।

यह सेवा उन बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीण ग्राहकों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें फिंगरप्रिंट या ओटीपी आधारित पहचान में कठिनाई होती थी। देश के 1.6 लाख डाकघरों और 3 लाख से अधिक पोस्टल कर्मचारियों के जरिए सेवा हर कोने तक पहुंचाई जाएगी।

Wednesday, February 12, 2025

प्रेम विवाह ने कैसे बदला एक परिवार का भाग्य: हत्या की पूरी कहानी

 यह खबर एक गंभीर हत्याकांड से संबंधित है, जिसमें प्रेम विवाह के कारण एक व्यक्ति की हत्या की गई थी। आरोपियों ने हत्या के बाद भी अपनी गतिविधियों को छिपाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कड़ी मेहनत और सूचना तंत्र का उपयोग करते हुए आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। 


घटना सूरजगढ़ थाना क्षेत्र के महपालवास गांव की है, जहां एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी ने प्रेम विवाह से नाराज होकर इस हत्या को अंजाम दिया था, और हत्या के बाद वह फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए जिला स्तरीय टॉप 10 अपराधियों में शामिल किया था, और अंत में 9 फरवरी 2025 को आरोपी को उसके ही गांव कुशलपुरा से गिरफ्तार कर लिया गया।


यह घटना इस बात को भी दर्शाती है कि प्रेम विवाह और परिवारिक विवाद कभी-कभी हिंसा का रूप ले सकते हैं, जो समाज के लिए चिंता का विषय है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपियों को न्याय के सामने लाने में मदद मिली है।


यह घटना वास्तव में गंभीर और दुखद है, जिसमें प्रेम विवाह के चलते परिवारिक विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली। जब एक व्यक्ति अपने परिवार या समाज की परंपराओं के खिलाफ जाकर प्रेम विवाह करता है, तो कई बार यह विवादों का कारण बन सकता है, जैसे इस मामले में हुआ। 


पुलिस की कड़ी मेहनत और त्वरित कार्रवाई ने इस मामले को सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह घटना यह भी दर्शाती है कि पारिवारिक रंजिश और व्यक्तिगत मतभेद कभी-कभी इतनी खतरनाक दिशा में बढ़ सकते हैं कि हिंसा का रूप ले लें। 


हालांकि यह पूरी घटना दुखद है, लेकिन पुलिस की सफलता से यह संदेश मिलता है कि अपराधियों को पकड़ने में देर नहीं होती, और न्याय का रास्ता हमेशा खुला रहता है। ऐसे मामलों में समाज को जागरूक करने की आवश्यकता है, ताकि परिवारिक विवादों को सुलझाने के तरीके शांतिपूर्वक और कानूनी तरीके से किए जा सकें, न कि हिंसा का सहारा लिया जाए।




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