झुंझुनूं जिले में बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे विटामिन-A विशेष अभियान में बच्चों के स्वास्थ्य को दूरस्त बनाने के उद्देश्य से 29 मई से 29 जून तक विटामिन-A का विशेष अभियान चलाया जाएगा।
जिसमे 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चे शामिल किए जायेगे इस अभियान के तहत बच्चों को विटामिन-ए की खुराक पिलाई जाएगी। ओर यह अभियान चिकित्सा विभाग और ICDS के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया जा रहा है।
![]() |
| विटामिन-A का विशेष अभियान |
यह बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए एक बहुत बड़ा कदम है -
विटामिन A का काम है - आंखों की रोशनी को बनाए रखना ओर शारीरिक और मानसिक विकास करना।
WHO के अनुसार विटामिन-ए बच्चों के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। इसकी कमी से बच्चों की आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कमजोर होने लग जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सरकारी अस्पतालों में विशेष व्यवस्था की जाएगी जिससे बच्चे इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ प्राप्त कर सके।
इस कार्य को घर-घर जाकर किया जाएगा -
CHMO डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तैयारी में जुटी हुई है।
इस अभियान में आशा सहयोगिनी, ANM और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ की विशेष भूमिका रहेगी। CHMO ने यह भी बताया की ये टीमें घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करेंगी और बच्चों को केंद्रों तक लाने का कार्य करेंगी।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अलग-अलग टीमें जाएगी
इस अभियान को ओर प्रभावी बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर बारीकी से योजनाए बनाई जाएगी। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया जाएगा ताकि किसी भी क्षेत्र का कोई बच्चा इस अभियान से वंचित न रहे पाए।
स्वास्थ्य विभाग का यह लक्ष्य है कि जिले के सभी पात्र बच्चों को विटामिन-A की खुराक समय पर उपलब्ध कराई जाए।
अभियान का शुभारंभ 29 मई को होगा -
इस अभियान का शुभारंभ करने के लिए 29 मई का दिन चुना गया है टीम शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग भागों में जाएगी ओर अभियान को सफल बनया जायगा।
इन माध्यमों से अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा:
- नियमित स्वास्थ्य सत्र
- ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस
- ममता दिवस
- विशेष आउटरीच गतिविधियां
इस महत्वपूर्ण अभियान में निजी अस्पतालों को भी जोड़ा जाएगा -
स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों और निजी चिकित्सकों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। ओर इसका महत्वपूर्ण उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा विटामिन-ए की खुराक लेने से न छूटे।
सरकारी और निजी संस्थानों के सहयोग द्वारा यह अभियान और अधिक प्रभावशाली बनने की आशा है।
विटामिन-ए के प्रमुख फायदे
- आंखों की रोशनी को मजबूत बनाता है
- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
- शारीरिक विकास में मदद करता है
- संक्रमण से बचाव करता है
- त्वचा और हड्डियों के विकास में सहायक
अगर बच्चों में विटामिन-A की कमी हो जाएगी तो उन्हें बच्चे बार-बार बीमार होने की समस्या बनी रह सकती है। इसलिए समय पर इसकी खुराक बेहद जरूरी होती है।
अभिभावकों को दी जाएगी इस अभियान की जानकारी -
स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान के दौरान जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। जिससे अभिभावकों को विटामिन-ए के महत्व और बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी जुड़ी जरूरी जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि विटामिन-A की बोतल खोलने की तारीख दर्ज की जाए और उसे 28 दिन के भीतर उपयोग में लिया जाए।
सरकार का लक्ष्य है स्वस्थ बचपन -
राज्य सरकार लगातार बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए अनेकों प्रकार के अभियान आयोजित करवा रही है। विटामिन-ए विशेष अभियान भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय-समय पर बच्चों को जरूरी पोषण और स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें तो कुपोषण और कई गंभीर बीमारियों से बचाव कर पाना संभव है।
अभिभावकों से अपील है -
स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या आंगनबाड़ी केंद्र पर ले जा कर विटामिन-ए की खुराक दिलवाएं।
यह छोटी सी सावधानी बच्चों के भविष्य को स्वस्थ और सुरक्षित बना सकती है।
क्या आपके क्षेत्र में भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं और इस जानकारी को अन्य अभिभावकों तक शेयर करें।

Comments ( 0 )
एक टिप्पणी भेजें