झलको झुंझुनू
की ओर से
2026
नव वर्ष की
हार्दिक शुभकामनाएं

SIR का असर नहीं: पंचायत चुनाव 2025 की मतदाता सूची से ही होंगे चुनाव

जनवरी 05, 2026 | By Jhalko Jhunjhunu

राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। हाल ही में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के तहत लाखों मतदाताओं के नाम काटे गए थे, लेकिन इसका असर पंचायत चुनाव पर नहीं पड़ेगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ कर दिया है कि पंचायत चुनाव जनवरी 2025 की मतदाता सूची के आधार पर ही कराए जाएंगे। इससे लाखों मतदाताओं को राहत मिली है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है।

SIR का असर नहीं
SIR का असर नहीं

एसआईआर क्या है और क्यों किया गया था। 

एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाता सूची की गहन जांच की जाती है। इसका उद्देश्य फर्जी, मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नाम हटाना होता है। इस प्रक्रिया में पूरे राज्य में दस्तावेजों की जांच करवाई जाती है और आवश्यक प्रमाण मांगे जाते हैं।

इस बार एसआईआर के दौरान करीब 41.85 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए। इनमें से लगभग 11 लाख मतदाताओं से दस्तावेज भी मांगे गए थे। इस प्रक्रिया के बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या घटकर लगभग 5.04 करोड़ रह गई।

पंचायत चुनाव पर एसआईआर का असर क्यों नहीं

राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव की मतदाता सूची अलग से तैयार की जाती है। पंचायत चुनाव के लिए आधार तिथि 7 जनवरी 2025 रखी गई है। यानी इस तारीख तक जो मतदाता सूची मान्य होगी, उसी के आधार पर चुनाव कराए जाएंगे।

इस कारण एसआईआर के तहत कटे हुए नाम पंचायत चुनाव की मतदाता सूची से बाहर नहीं होंगे। आयोग के अनुसार, पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पहले से तय नियमों के अनुसार ही चलेगी और इसमें एसआईआर का सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

तीन प्रकार की मतदाता सूची बनाई जाएगी

पंचायत चुनाव के लिए राज्य में तीन तरह की मतदाता सूचियां तैयार की जाएंगी। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि हर स्तर पर चुनाव सुचारू रूप से हो सके।

  • ग्राम पंचायत के प्रत्येक वार्ड की मतदाता सूची
  • पंचायत समिति निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची
  • जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची

इन सूचियों में ग्राम पंचायत के वार्डों की मतदाता सूची को संकलित कर पंचायत समिति और जिला परिषद स्तर की सूची तैयार की जाएगी। इससे अलग-अलग स्तर पर नई सूची बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

राज्य में कितनी पंचायतों में होंगे चुनाव

राजस्थान में इस बार बड़े पैमाने पर पंचायत चुनाव कराए जाने हैं। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार:

  • 3443 ग्राम पंचायतें नई बनाई गई हैं
  • कुल 14600 ग्राम पंचायतों में चुनाव होंगे
  • 437 पंचायत समितियों में चुनाव कराए जाएंगे
  • 41 जिला परिषदों में चुनाव होंगे

इतने बड़े स्तर पर चुनाव होने के कारण मतदाता सूची को लेकर किसी भी तरह का भ्रम न हो, इसके लिए आयोग ने स्थिति पहले ही साफ कर दी है।

एसआईआर में कटे नामों का पूरा विवरण

एसआईआर के तहत जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए, उनकी अलग-अलग श्रेणियां बनाई गई हैं। इससे यह समझना आसान होता है कि नाम क्यों काटे गए।

  • दो या अधिक जगह नाम दर्ज: 3.44 लाख (0.63%)
  • मृतक मतदाता: 8.75 लाख (1.16%)
  • शिफ्ट या अनुपस्थित मतदाता: 29.6 लाख (5.43%)

इन सभी कारणों से कुल 41.85 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए।

मतदाताओं के लिए राहत की खबर

एसआईआर के कारण जिन लोगों के नाम कटे थे, वे काफी चिंतित थे कि कहीं वे पंचायत चुनाव में वोट डालने से वंचित न हो जाएं। लेकिन आयोग के इस फैसले से उन्हें बड़ी राहत मिली है।

अब ऐसे मतदाता भी पंचायत चुनाव में मतदान कर सकेंगे, जिनके नाम एसआईआर के दौरान हटाए गए थे, बशर्ते उनका नाम जनवरी 2025 की मतदाता सूची में दर्ज हो।

पंचायत चुनाव की प्रक्रिया कैसे होगी

पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। पहले प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद आपत्तियां ली जाएंगी और उनका निस्तारण किया जाएगा। अंत में अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।

इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाएगा ताकि किसी भी मतदाता को परेशानी न हो।

राजनीतिक और प्रशासनिक महत्व

पंचायत चुनाव ग्रामीण लोकतंत्र की सबसे अहम कड़ी होते हैं। ऐसे में मतदाता सूची को लेकर कोई भी विवाद चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग का यह फैसला प्रशासनिक रूप से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इससे न केवल चुनाव समय पर कराना आसान होगा, बल्कि ग्रामीण स्तर पर जनता का भरोसा भी बना रहेगा।

सरल भाषा में समझें पूरा मामला

अगर आसान शब्दों में समझें तो एसआईआर एक अलग प्रक्रिया है और पंचायत चुनाव की मतदाता सूची एक अलग आधार पर बनती है। इसलिए एसआईआर में नाम कटने का मतलब यह नहीं है कि पंचायत चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे।

जनवरी 2025 की मतदाता सूची ही पंचायत चुनाव के लिए मान्य होगी और उसी के आधार पर मतदान कराया जाएगा।

कुल मिलाकर यह साफ है कि एसआईआर का पंचायत चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जनवरी 2025 की मतदाता सूची के आधार पर ही चुनाव कराए जाएंगे। यह फैसला लाखों मतदाताओं के लिए राहत लेकर आया है और चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने में मदद करेगा।

अगर आप पंचायत चुनाव से जुड़े अपडेट चाहते हैं, तो अपनी मतदाता सूची की जांच जरूर करें और समय पर मतदान के लिए तैयार रहें।