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मलेरिया क्या है? कारण, लक्षण, इलाज और बचाव की पूरी जानकारी

जनवरी 06, 2026 | By Jhalko Jhunjhunu
मलेरिया एक गंभीर और जानलेवा बिमारी
मलेरिया एक गंभीर और जानलेवा बिमारी

मलेरिया एक गंभीर और जानलेवा संक्रामक रोग है, जो आज भी दुनिया के कई हिस्सों में लाखों लोगों को प्रभावित कर रहा है। भारत सहित एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के कई देशों में मलेरिया एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बना हुआ है। यह बीमारी मुख्य रूप से मच्छरों के काटने से फैलती है और समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा साबित हो सकती है।

इस ब्लॉग पोस्ट में हम मलेरिया क्या है, इसके कारण, लक्षण, इलाज और बचाव के उपाय के बारे में आसान और सरल भाषा में विस्तार से जानकारी देंगे, ताकि आम लोग भी इसे आसानी से समझ सकें और इस बीमारी से खुद को सुरक्षित रख सकें।

मलेरिया क्या है?

मलेरिया एक संक्रामक बीमारी है, जो Plasmodium नामक परजीवी के कारण होती है। यह परजीवी संक्रमित एनोफिलीज मच्छर के काटने से मानव शरीर में प्रवेश करता है। मच्छर के काटते ही यह परजीवी रक्त में पहुंचकर लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करता है, जिससे तेज बुखार और अन्य गंभीर लक्षण उत्पन्न होते हैं।

मलेरिया के लक्षण अचानक दिखाई देते हैं और शुरुआत में यह सामान्य बुखार जैसा लगता है, लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर रूप ले सकता है।

मलेरिया होने के मुख्य कारण

मलेरिया होने का मुख्य कारण Plasmodium परजीवी है, जो मच्छरों के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। इस परजीवी के पांच प्रमुख प्रकार पाए जाते हैं:

1. Plasmodium falciparum

यह मलेरिया का सबसे खतरनाक और जानलेवा प्रकार माना जाता है। यह तेज़ी से फैलता है और समय पर इलाज न मिलने पर मृत्यु का कारण बन सकता है।

2. Plasmodium vivax

यह मलेरिया का आम प्रकार है, जो भारत में अधिक पाया जाता है। यह गंभीर कम होता है लेकिन बार-बार लौट सकता है।

3. Plasmodium ovale

यह मलेरिया का दुर्लभ प्रकार है और आमतौर पर हल्के लक्षण उत्पन्न करता है।

4. Plasmodium malariae

यह संक्रमण लंबे समय तक शरीर में रह सकता है और धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाता है।

5. Plasmodium knowlesi

यह नया प्रकार है, जो मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है।

मलेरिया के लक्षण

मलेरिया के लक्षण आमतौर पर मच्छर के काटने के 10 से 15 दिन बाद दिखाई देते हैं। इसके प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:

  • तेज़ और बार-बार आने वाला बुखार
  • ठंड लगना और अधिक पसीना आना
  • सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द
  • उल्टी और दस्त
  • थकान और कमजोरी
  • त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (जॉन्डिस)

गंभीर मामलों में मरीज को बेहोशी, सांस लेने में दिक्कत और अंग फेल होने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

मलेरिया का इलाज

मलेरिया का इलाज उसके प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है। सही समय पर इलाज होने से मलेरिया पूरी तरह ठीक हो सकता है। मलेरिया के इलाज में निम्न दवाओं का प्रयोग किया जाता है:

  • क्विनाइन (Quinine)
  • आर्टेमीसिनिन (Artemisinin)
  • मैलोरोन (Malarone)
  • डॉक्सीसाइक्लिन (Doxycycline)

ध्यान दें: मलेरिया का इलाज हमेशा डॉक्टर की सलाह से ही करें। खुद से दवा लेना खतरनाक हो सकता है।

मलेरिया से बचाव के उपाय

मलेरिया से बचाव ही इसका सबसे अच्छा इलाज है। नीचे दिए गए उपाय अपनाकर मलेरिया से बचा जा सकता है:

  • सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें
  • घर और आसपास पानी जमा न होने दें
  • मच्छर भगाने वाली क्रीम और स्प्रे का प्रयोग करें
  • पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें
  • बुखार होने पर तुरंत जांच कराएं

मलेरिया एक खतरनाक लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है। जागरूकता, समय पर इलाज और सही बचाव उपाय अपनाकर हम मलेरिया से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

अगर आपको यह जानकारी उपयोगी लगी हो, तो इसे दूसरों के साथ जरूर साझा करें, ताकि मलेरिया के खिलाफ जागरूकता फैल सके।