आइपीपीबी की पहल: अंगूठे-ओटीपी के बिना चेहरे से होंगे डाकघर के लेनदेन

IPPB Face Authentication

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आइपीपीबी) ने आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन सुविधा की देशभर में शुरुआत कर दी है। अब डाकघर में ग्राहक सिर्फ चेहरे की पहचान से खाता खोलने, बैलेंस जांचने, पैसे भेजने और बिल चुकाने जैसे बैंकिंग कार्य आसानी से कर सकेंगे।

यह सेवा उन बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीण ग्राहकों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें फिंगरप्रिंट या ओटीपी आधारित पहचान में कठिनाई होती थी। देश के 1.6 लाख डाकघरों और 3 लाख से अधिक पोस्टल कर्मचारियों के जरिए सेवा हर कोने तक पहुंचाई जाएगी।

Sunday, July 13, 2025

सुलताना में टूटा चेंबर बना खतरा, एल्टो कार फंसी – ग्रामीणों में आक्रोश

 

सुलताना (झुंझुनूं) — सुलताना कस्बे में चिड़ावा रोड पर स्थित पुराने बस स्टैंड के पास एक बार फिर टूटा हुआ चेंबर दुर्घटना का कारण बन गया। शनिवार शाम को एक एल्टो कार इस क्षतिग्रस्त चेंबर में फंस गई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हादसे की जानकारी:

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार सुलताना बस स्टैंड से चिड़ावा की ओर जा रही थी, तभी अचानक उसका एक टायर टूटे हुए चेंबर में धंस गया। मौके पर उपस्थित स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए गाड़ी चालक की सहायता की और काफी मशक्कत के बाद गाड़ी को बाहर निकाला।

सुलताना में टूटा चेंबर बना खतरा, एल्टो कार फंसी
सुलताना में टूटा चेंबर बना खतरा, एल्टो कार फंसी


🏛️ पालिका प्रशासन की लापरवाही:

स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह चेंबर पिछले काफी समय से क्षतिग्रस्त स्थिति में है और पहले भी कई छोटी-बड़ी घटनाएं घट चुकी हैं। करीब 20 दिन पहले पालिका द्वारा इस चेंबर की केवल लीपापोती करवाई गई थी, जो अब फिर से टूट चुकी है।

ग्रामीणों का कहना है:
"अगर जल्द ही पालिका प्रशासन ने इन जर्जर चेंबरों की मरम्मत नहीं की तो हमें उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।"

 क्यों है यह मामला चिंताजनक?

  • यह क्षेत्र मुख्य बस स्टैंड से जुड़ा हुआ है।

  • प्रतिदिन सैकड़ों वाहन और पैदल यात्री इस रास्ते से गुजरते हैं।

  • एक बड़ा हादसा कभी भी घट सकता है।

📣 सवाल प्रशासन से:

  • आखिर क्यों पालिका बार-बार अस्थायी मरम्मत कर अपना कर्तव्य पूरा समझती है?

  • क्या कोई बड़ा हादसा होने के बाद ही प्रशासन जागेगा?


सुलताना में टूटा हुआ यह चेंबर न सिर्फ यातायात के लिए बाधा है, बल्कि जनता की जान के लिए खतरा भी बनता जा रहा है। यह समय है जब पालिका प्रशासन को जनता की आवाज़ सुननी चाहिए और स्थायी समाधान की दिशा में कार्य करना चाहिए। अन्यथा, स्थानीय लोगों का आंदोलन अब तय माना जा रहा है।


Recent Articles