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| झुंझुनूं को मिली बड़ी सौगात |
झुंझुनूं वासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है! राज्य सरकार ने आखिरकार झुंझुनूं हवाई पट्टी के विस्तार और नवीनीकरण के लिए एक महत्वपूर्ण बजट को मंजूरी दे दी है। यह न केवल जिले के लिए हवाई कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा बल्कि आर्थिक विकास और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। यह मंजूरी 2.96 करोड़ रुपए की लागत से मिलने वाली है, जिससे हवाई पट्टी का रनवे 4800 फीट से बढ़कर 6000 फीट हो जाएगा, जिससे अब छोटे विमानों के साथ निजी जेट भी आसानी से उतर सकेंगे।
झुंझुनूं हवाई पट्टी: एक नए युग की शुरुआत
लंबे समय से प्रतीक्षित झुंझुनूं हवाई पट्टी
के विस्तार का सपना अब साकार होने जा रहा है। नागरिक उड्डयन विभाग ने इस परियोजना
को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत रनवे की लंबाई बढ़ाने, बिजली-पानी की सुविधाओं को दुरुस्त करने, पुराने रनवे की
मरम्मत करने और एक नई चारदीवारी बनाने का काम किया जाएगा। यह सभी कार्य जिले के
हवाई बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने में मदद
करेंगे।
रनवे का विस्तार: अब 6000 फीट का होगा रनवे
वर्तमान में झुंझुनूं हवाई पट्टी पर 4800 फीट का रनवे है, जो केवल सीमित
संख्या में छोटे विमानों को ही उतरने की अनुमति देता है। इस नई मंजूरी के साथ, रनवे को 1200 फीट तक विस्तारित
किया जाएगा, जिससे इसकी कुल लंबाई 6000 फीट हो जाएगी। यह विस्तार छोटे विमानों और
निजी जेट के सुरक्षित और सुगम लैंडिंग के लिए पर्याप्त होगा। इस महत्वपूर्ण
विस्तार के लिए 1.50 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। सबसे
महत्वपूर्ण बात यह है कि रनवे की लंबाई बढ़ाने के लिए कोई नया भूमि अधिग्रहण नहीं
होगा; इसके बजाय, मौजूदा उपलब्ध भूमि
का ही उपयोग किया जाएगा, जिससे परियोजना की लागत और समय दोनों की बचत होगी।
मौजूदा रनवे की मरम्मत और नवीनीकरण
न केवल रनवे का विस्तार होगा, बल्कि मौजूदा 4800 फीट के रनवे की भी
मरम्मत की जाएगी। इसके लिए एक करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी, जिससे रनवे की सतह
को चिकना और सुरक्षित बनाया जा सके, और यह लंबे समय तक अपनी सेवाएँ प्रदान कर
सके। यह सुनिश्चित करेगा कि हवाई पट्टी का पूरा बुनियादी ढांचा शीर्ष स्थिति में
हो।
सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान
हवाई पट्टी की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं
को बेहतर बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
चारदीवारी की मरम्मत
से बढ़ेगी सुरक्षा
हवाई पट्टी की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चिंता
का विषय है, और इस पर गंभीरता से विचार किया गया है। नागरिक उड्डयन विभाग ने हवाई पट्टी की
चारदीवारी की मरम्मत के लिए 20 लाख रुपए मंजूर किए हैं। यह हवाई पट्टी को
अनधिकृत प्रवेश और बाहरी खतरों से बचाएगा, जिससे विमानों और यात्रियों की सुरक्षा
सुनिश्चित होगी। एक मजबूत और अच्छी तरह से रखरखाव वाली चारदीवारी किसी भी हवाई
सुविधा के लिए आवश्यक है।
बिजली और पानी की
सुविधाएँ
किसी भी आधुनिक हवाई पट्टी के लिए बिजली और
पानी की सुविधाएँ मूलभूत आवश्यकताएं हैं। इस परियोजना में पानी की सुविधा के लिए 8 लाख रुपए और बिजली
की सुविधा के लिए 15 लाख रुपए की राशि आवंटित की गई है। यह
सुनिश्चित करेगा कि हवाई पट्टी पर सभी आवश्यक संचालन सुचारू रूप से चलें और
यात्रियों व कर्मचारियों को पर्याप्त सुविधाएँ मिलें।
पीसीएन टेस्ट: हवाई पट्टी की क्षमता का आकलन
नागरिक उड्डयन विभाग ने जिले की इकलौती हवाई
पट्टी पर विमानों के उतरने की क्षमता को परखने के लिए पीसीएन (Pavement Classification Number) टेस्ट और तकनीकी सर्वे के
लिए भी बजट दिया है। इसके लिए 9 लाख रुपए मिलेंगे।
पीसीएन टेस्ट क्यों
है ज़रूरी?
पीसीएन टेस्ट किसी भी हवाई पट्टी
की वास्तविक भार वहन क्षमता का आकलन करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह टेस्ट
यह निर्धारित करता है कि रनवे पर किस प्रकार और किस क्षमता के विमान सुरक्षित रूप
से उतर और उड़ान भर सकते हैं। इसमें रनवे के साथ-साथ एप्रन की भार वहन क्षमता का
भी मापन किया जाता है। एक सफल पीसीएन टेस्ट के बाद ही बड़े विमानों को उतरने की
अनुमति मिल सकती है। यह टेस्ट झुंझुनूं हवाई पट्टी को एफटीओ (फ्लाइंग ट्रेनिंग
ऑर्गेनाइजेशन) के रूप में विकसित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
पायलट प्रशिक्षण का
मार्ग प्रशस्त होगा
यदि पीसीएन टेस्ट सफल रहता है, तो छोटे विमानों और
निजी जेट के उतरने की शुरुआत के साथ-साथ पायलट प्रशिक्षण भी शुरू हो सकता है। यह
झुंझुनूं को एक विमानन हब के रूप में विकसित करने में मदद करेगा, जिससे न केवल रोजगार
के अवसर पैदा होंगे बल्कि यह क्षेत्र विमानन शिक्षा का केंद्र भी बन सकेगा। इसके
लिए भी नागरिक उड्डयन विभाग द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विधायक राजेंद्र भांबू ने दी सौगात की बधाई
झुंझुनूं शहर की हवाई पट्टी के विस्तार को
लेकर मिली स्वीकृति पर स्थानीय विधायक राजेंद्र भांबू ने इसे जिले के लिए एक बड़ी
सौगात बताया है। उन्होंने कहा कि उनके प्रस्ताव को राज्य सरकार ने मंजूरी दी है, जिससे हवाई पट्टी के
विस्तार और विकास के लिए 2.96 करोड़ रुपए का बजट मिलेगा। उन्होंने इस बात
पर भी जोर दिया कि रनवे के विस्तार के साथ-साथ मरम्मत और चारदीवारी के काम भी
होंगे, और पीसीएन टेस्ट और
तकनीकी सर्वे के लिए भी 9 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। यह विधायक की
दूरदर्शिता और प्रयासों का परिणाम है, जिसने झुंझुनूं के लिए एक बेहतर भविष्य की
नींव रखी है।
झुंझुनूं के लिए भविष्य की संभावनाएं
झुंझुनूं हवाई पट्टी का यह विस्तार जिले के
लिए कई नई संभावनाएँ खोलेगा:
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आर्थिक विकास: बेहतर कनेक्टिविटी
से व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। निवेशक आसानी से जिले तक पहुँच सकेंगे, जिससे नए व्यवसायों
की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा।
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पर्यटन को बढ़ावा: झुंझुनूं अपने
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। हवाई कनेक्टिविटी में सुधार से
पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
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रोजगार के अवसर: हवाई पट्टी के
संचालन और रखरखाव से संबंधित नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अतिरिक्त, पायलट प्रशिक्षण
संस्थान की स्थापना से युवाओं के लिए नए करियर के मार्ग खुलेंगे।
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आपातकालीन सेवाएँ: बेहतर हवाई सुविधाएँ
आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और आपदा राहत कार्यों के लिए भी महत्वपूर्ण होंगी।
यह परियोजना झुंझुनूं के लिए एक मील का पत्थर
साबित होगी, जो इसे राजस्थान के नक्शे पर एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाएगी। यह न केवल हवाई
कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा बल्कि जिले के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
क्या आप झुंझुनूं हवाई पट्टी के विस्तार से
उत्साहित हैं? आपके अनुसार यह परियोजना जिले के लिए और क्या-क्या अवसर पैदा कर सकती है? अपने विचार कमेंट
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