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अलर्ट! अगर आपके घर में भी है कोई दुकान या बिज़नेस, तो तुरंत पढ़ें राजस्थान सरकार का यह नया नियम।

राजस्थान सरकार ने शहरों में आवासीय मकानों में चल रही दुकानों और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश के 312 शहरों के करीब 54 लाख घरों में नए कॉमर्शियल लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे। सरकार ने आवासीय भूखंडों में चलने वाले 17 प्रकार के स्वनियोजन व्यवसायों की नई अनुमति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

अलर्ट! अगर आपके घर में भी है कोई दुकान या बिज़नेस, तो तुरंत पढ़ें राजस्थान सरकार का यह नया नियम।
अगर आपके घर में भी है कोई दुकान या बिज़नेस, तो तुरंत पढ़ें राजस्थान सरकार का यह नया नियम।

पुराने लाइसेंस वालों को ही मिलेगी राहत

सरकार के नए आदेश के अनुसार केवल उन्हीं लोगों को राहत मिलेगी, जिन्होंने 2017 या उससे पहले के नियमों के तहत लाइसेंस लिया हुआ है। ऐसे लोगों को लाइसेंस रिन्यू कराने की अनुमति रहेगी, लेकिन नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

पिछले पांच साल में मिली थी बड़ी छूट

गहलोत सरकार के दौरान प्रशासन शहरों के संग अभियान में बिल्डिंग बायलाज में बदलाव कर आवासीय मकानों में बड़े स्तर पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी गई थी।

2021 में बनाए गए नियमों के तहत:

  • 30 फीट चौड़ी सड़क वाले भूखंडों पर ग्राउंड फ्लोर में दुकान खोलने की अनुमति थी।
  • मिक्स यूज पट्टों में 50% तक व्यावसायिक उपयोग की छूट दी गई थी।
  • स्वतंत्र आवासीय मकानों में 35% या 150 वर्गमीटर तक व्यवसाय चल सकता था।

इन्हीं नियमों के चलते पिछले पांच साल में बड़ी संख्या में कॉमर्शियल स्वीकृतियां जारी हुईं।

अब इन व्यवसायों को नहीं मिलेगी नई मंजूरी

सरकार ने जिन 17 प्रकार के व्यवसायों के नए लाइसेंस पर रोक लगाई है, उनमें शामिल हैं:

  • एडवोकेट कार्यालय
  • डॉक्टर क्लीनिक
  • इंजीनियर और वास्तुविद कार्यालय
  • सीए और वित्तीय सलाहकार
  • आईटी और मीडिया ऑफिस
  • ई-मित्र कियोस्क
  • ब्यूटी पार्लर
  • सिलाई-कढ़ाई केंद्र
  • घरेलू कुटीर उद्योग
  • योग और ध्यान केंद्र
  • वर्चुअल ऑफिस और वर्चुअल क्लासरूम

अब नए मामलों में इन व्यवसायों को आवासीय क्षेत्रों में अनुमति नहीं मिलेगी।

सरकार का अगला प्लान भी चर्चा में

एक तरफ सरकार ने नए कॉमर्शियल लाइसेंस पर रोक लगाई है, वहीं दूसरी तरफ बजट घोषणा के तहत शहरों में दुकानों को 24 घंटे खोलने की तैयारी भी चल रही है। श्रम विभाग इस पर नियम तैयार कर रहा है।

प्रस्ताव में वन टाइम लाइसेंस लेने वाले व्यापारियों को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है।

शहरों में क्या पड़ेगा असर?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से शहरों में बढ़ते अनियोजित व्यवसायों पर नियंत्रण लगेगा। वहीं छोटे कारोबार शुरू करने वालों को अब नई जगह तलाशनी पड़ सकती है।

सरकार का कहना है कि आवासीय इलाकों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों से ट्रैफिक, पार्किंग और अव्यवस्था जैसी समस्याएं बढ़ रही थीं, इसलिए यह कदम उठाया गया है।

क्या आपको लगता है कि सरकार का यह फैसला सही है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और ऐसी ही बड़ी खबरों के लिए जुड़े रहें।

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