प्रशासन की कार्रवाई से फसलों को भारी नुकसान
झुंझुनूं जिले के नाटास और शिवनाथपुरा क्षेत्र में प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसल पर ट्रैक्टर और जेसीबी चलाए जाने का आरोप सामने आया है। किसानों का कहना है कि 50 से 80 बीघा तक की फसल प्रभावित हुई है।
किसानों का आरोप: बिना पर्याप्त नोटिस की गई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ किसानों को केवल 3-4 दिन पहले ही सूचना दी गई, जबकि नियमानुसार 15 से 20 दिन का समय मिलना चाहिए था। किसानों ने प्रशासन से समय देने और वैकल्पिक समाधान निकालने की मांग की।
भेदभाव का आरोप, एक जैसे नियम लागू नहीं
किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में कार्रवाई नहीं की गई, जबकि चुनिंदा गांवों में ही ट्रैक्टर और जेसीबी चलाकर फसल नष्ट की गई। उनका कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना है तो सभी जगह समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
किसान बोले: कर्ज में डूबे हैं, नुकसान की भरपाई कैसे होगी?
पीड़ित किसानों का कहना है कि उन्होंने खेती के लिए कर्ज लिया है। अब फसल नष्ट होने से लाखों रुपये का नुकसान हो गया है। कई किसानों ने बताया कि इसी फसल से परिवार, बच्चों और पशुओं का पालन-पोषण होता है।
गौशाला में गाय चराने का प्रस्ताव भी ठुकराया गया
किसानों ने प्रशासन को प्रस्ताव दिया कि वे फसल कटाई से पहले गौशाला की गायों को खेतों में चरवा देंगे, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं रोकी गई।
किसानों ने की निष्पक्ष कार्रवाई और राहत की मांग
किसानों का कहना है कि वे अवैध अतिक्रमण हटाने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई एक जैसी होनी चाहिए। साथ ही फसल नुकसान का मुआवजा और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की गई है।
Jhalko Jhunjhunu News | Rajasthan Government
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