राजस्थान के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से जयपुर, भरतपुर और बीकानेर डिवीजनों में आगामी दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव न केवल तापमान को प्रभावित करेगा बल्कि ठंड के असर में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।
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| पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान में बारिश और ठंड में बदलाव |
पश्चिमी विक्षोभ क्या है और इसका प्रभाव क्यों पड़ता है?
पश्चिमी विक्षोभ एक मौसम प्रणाली है जो भूमध्य सागर और पश्चिम एशिया के क्षेत्रों से उत्पन्न होकर भारत के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों तक पहुंचती है। यह प्रणाली सर्दियों में सक्रिय होती है और बारिश, बादल, ठंड और कभी-कभी ओलावृष्टि का कारण बनती है। राजस्थान जैसे शुष्क राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मौसम को काफी हद तक बदल देता है।
जयपुर और भरतपुर में 22 से 24 जनवरी के बीच बारिश
मौसम विभाग के अनुसार, 22 से 24 जनवरी के बीच जयपुर और भरतपुर मंडलों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना है। यह बारिश बहुत तेज नहीं होगी, लेकिन इससे ठंड में इजाफा हो सकता है। दिन के तापमान में हल्की गिरावट और रात के तापमान में ठंडक महसूस की जा सकती है।
बीकानेर डिवीजन में बूंदाबांदी की संभावना
बीकानेर मंडल के कुछ क्षेत्रों में इस दौरान हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, यहां भारी बारिश की संभावना नहीं है। फिर भी, मौसम में नमी बढ़ने से सर्द हवाओं का असर ज्यादा महसूस हो सकता है।
17 और 18 जनवरी: बादल लेकिन मौसम रहेगा शुष्क
17 और 18 जनवरी को राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी भागों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि, इस अवधि में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे लोगों को शीत लहर से कुछ राहत मिलेगी।
19 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 19 जनवरी से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके कारण मौसम प्रणाली में तेजी आएगी और बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। इसका सीधा असर राजस्थान के कई हिस्सों में देखने को मिल सकता है।
उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम की भूमिका
इस समय उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम पूरी तरह सक्रिय है। यह तेज हवाओं की एक धारा होती है जो ऊपरी वायुमंडल में बहती है। इसके सक्रिय होने से पश्चिमी विक्षोभ और ज्यादा प्रभावी हो जाता है, जिससे बारिश और ठंड की संभावना बढ़ जाती है।
17 से 21 जनवरी तक मौसम रहेगा शुष्क
राज्य भर में 17 से 21 जनवरी तक मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान किसानों को फसलों की कटाई और सिंचाई की योजना बनाने में आसानी होगी। हालांकि, 22 जनवरी के बाद संभावित बारिश को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहना जरूरी है।
किसानों और आम जनता के लिए जरूरी सलाह
- किसान 22 से 24 जनवरी के बीच संभावित बारिश को ध्यान में रखते हुए फसल प्रबंधन करें।
- ठंड से बचाव के लिए बुजुर्ग और बच्चे गर्म कपड़ों का इस्तेमाल करें।
- यात्रा करने वाले लोग मौसम अपडेट पर नजर रखें।
- सुबह और रात के समय कोहरे और ठंड से सतर्क रहें।
आने वाला सप्ताह कैसा रहेगा?
कुल मिलाकर, आने वाला सप्ताह राजस्थान के लिए ठंड से कुछ राहत और हल्की बारिश लेकर आ सकता है। इससे मौसम सुहावना हो जाएगा और दिन के समय हल्की गर्माहट महसूस हो सकती है, जबकि रातें ठंडी बनी रहेंगी।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान के मौसम में बदलाव तय है। जयपुर, भरतपुर और बीकानेर डिवीजनों में हल्की बारिश और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। मौसम विभाग की चेतावनियों और अपडेट्स पर ध्यान देकर किसान और आम नागरिक अपने दैनिक कार्यों की बेहतर योजना बना सकते हैं।
